Dhairyvirsinh J Rathod
Director, Alma World Limited, United Kingdom
Wednesday, 25 September 2024
Sunday, 26 April 2020
राठौड़ वंश कि जानकारी
वंश : सूर्यवंश
तम्बू : भगवान
गोत्र : गोतम
बन्दूक : सदन
वेद : यजुर्वेद
घाट : हरिद्वार
नदी : सरयू
देग : भूंजाई
वृक्ष : नीम
शंख : दखिणवर्त
कुलदेवी : नागनेच्या माता
सिहासन : चंदन का
निशान : पचरंगा
खांडा : जगजीत
नगारा : रणजीत
बड : अक्षय
शाखा : साढ़े तेरह में सेदानेश्वर शाखा
गाय : कपिला
सूत्र : गोभिल
पहाड़ : गांगेय
प्रवर (तीन) : गोतम, वशिष्ट, वाहस्प्त्य
बिडद : रणबंका
शिखा : दाहिनी
उपाधि : कमधज
पितृ : सोम सयासर
ढोली : देहधडा
पुरोहित : सेवड
बंधेज : वामी (बायाँ)
भाट : सिंगोलिया
पाट : दाहिना
ढोल : भँवर
निकास : अयोध्या
तलवार : रणथली
चिन्ह : चील
घोड़ा : श्यामकर्ण
गादी : लाहोर
गुरु : वशिष्ट्जी
इष्ट : सीताराम, लक्ष्मी-नारयण,
भेरू : मण्डोर
सम्प्रदाय : रामानुज
पहली देवी : ब्रह्माणी
प्रणाम : जय चारभुजा कि , जय रघुनाथजी कि
दूसरी देवी : राठेशवरी
तिलक : रामानुजी वव्ह्लभ
तीसरी देवी : पथणी
मंत्र : गोपाल
चोथी देवी : पंखिनी
पान : नागरबेल
कुलदेवी का स्थान : नागाणा
पोथी : बडवा, राणी, मुंगा, कुलगुरु
कुण्ड : सूर्य
पक्षी : बाज
क्षेत्र : नारायण
कटार : रणवीर, हरभुजी
चारण : रोहड़ीया
ढाल : बार फूला
पुत्र : उषा
तोप : महाकाली
माला : रत्न
भील : जागतिया
धर्म : संन्यास, वैष्णव
पूजा : नीम कि
Saturday, 25 April 2020
जौधा राठौड़
13th April, 2013
राव जोधा जी का जन्म २८ मार्च, १४१६, तदनुसार भादवा बदी 8 सं. 1472 में हुआ था। इनके पिता राव रणमल मारवाड़ के शासक थे। इन्हें जोधपुर शहर की स्थापना के लिए जाना जाता है। इन्होंने ही जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग बनवाया था राव ब्रह्मभट्ट राव जोधा के वंशज है|
जोधा राठोड़ :- राव रिड़मल के पुत्र जोधा के वंशज जोधा राठौड़ कहलाये । जोधा राठौड़ो की निम्न खांप है ।
01. बरसिन्होत जोधा:- जोधा की सोनगरी राणी के पुत्र बरसिंह के वंशज बरसिन्होत जोधा कहलाये |बरसिंह अपने भाई दुदा के साथ मेड़ते रहे | परन्तु मुसलमानों ने उन्हें मेड़ते से निकाल दिया | मालवा के झबुवा में बरसिन्होत जोधा राठौड़ो का राज्य था |
02. रामावत जोधा :- जोधपुर के शासक जोधा के बाद क्रमश बरसिंह व आसकरण हुए | आसकरण के पोत्र रामसिंह ने बांसवाड़ा की गद्दी के लिए चौहानों औरराठौड़ो के बीच युद्ध विक्रमी 1688 में वीरता तथा वीरगति को प्राप्त हुए | रामसिंह के तेरह पुत्र थे | जो रामावत राठोड़ कहलाये | रामसिंह के तीसरे पुत्र जसवंतसिंह के जयेष्ट पुत्र अमरसिंह को साठ गाँवो सहित खेड़ा की जागीरी मिली तो रतलाम राज्य में था |यह अंग्रेजी सरकार द्वार कुशलगढ़ बांसवाडा के नीचे कर दिया गया | विक्रमी संवत 1926 में कुशलगढ़ बांसवाडा के नीचे कर दिया |
03. भारमलोत जोधा:- जोधा की हूलणी राणी के पुत्र भारमल के वंशज भारमलोत जोधा कहलाये | इनके वंशज झाबुआ राज्य में निवास करते है |
04. शिवराजोत जोधा:- जोधा की बघेली राणी के पुत्र शिवराज के वंशज शिवराजोत जोधा कहलाये |
05. रायपालोत जोधा:- जोधा को भटियानी राणी के पुत्र रायपाल के वंशज रायपालोत जोधा कहलाये |
06. करमसोत जोधा :- जोधा की भटियानी राणी के पुत्र करम्सी के वंशज करमसोत जोधा कहलाये |खींवसर ( 26 गाँव ) बड़ा ठिकाना था | इसके अतिरिक्त भोजावास , धरणी , पांचोड़ी , बागणवाडो,सांढीको, आचीणे, हमीरानो , देयु , गोवणा , टालो माडपुरी, चटालियो , सोयला , नागड़ी , खारी, भदवासी, गिरावड़ी, हरिमो , जीवास , सीगड़, कादरपूरा ,थलाजू , बह, आसरनडो, उस्तरा , सावंत कुआ ,अमरलायी , रंगालो, सिरानो , छगाडो, सोमडावास ,गीगालो , राजुवास , जाखणीओ , बाल्वो, डावरो ,बाहारो वडो, आदी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |बीकानेर राज्य में रायसर , बकसेउ , भणाय का राजा। आदी ठिकाने थे |
07. बणवीरोत जोधा:- जोधा की भटियानी राणी के पुत्र बणवीर के वंशज बणवीरोत जोधा कहलाये |
08. खंगारोत जोधा:- राव जोधा के पुत्र जोगा के पुत्र खंगार हुए | इसी खंगार के वंशज खंगारोत जोधा कहलाये | खारीयो, पुनास, जालसू, बड़ी,डाहोली,खारी और छापली इनके गाँव ऐक ऐक गाँव के ठिकाने है |
09. नरावत जोधा:- सूजा के बेटे नरा के वंशज |भडानो, बासुरी, बुहु, कसुबी, बाधणसर आदी इनके ठिकाने थे |
10. सांगावत जोधा:- सूजा के पुत्र सांगा के वंशज
11. प्रतापदासोत:- सूजा के पुत्र प्रतापदास के वंशज
12. देविदासोत:- सूजा के पुत्र देवीदास के वंशज |
13. सिखावत:- सूजा के पुत्र सिखा के वंशज |
14. नापावत:- सूजा के पुत्र नापा के वंशज |
15. बाघावत जोधा:- रिड़मल जी मंडोर के पुत्र राव जोधा राठोड़ कहलाये | जोधाजी की म्रत्यु के बाद बड़े पुत्र सातल की म्रत्यु विक्रमी संवत 1549 इसवी संवत1492 में होने पर जोधाजी के दुसरे पुत्र सूजा गादी पर बेठे | सुजाजी के पुत्र बाघाजी विक्रमी संवत 1549 में सोजत की चढ़ाई में काम आये | इसी बाघा के वंशज बाघावत राठोड़ कहलाये | मारवाड़ में बाघावत जोधाओं का मुख्या ठिकाना पहाड़पूरा था | इसके अलावा आरण और सिकारपूरा ऐक ऐक गाँव ठिकाने थे|
16. प्रतापसिहोत जोधा:- सूजा के पुत्र प्रताप सिंह के वंशज |
17. गंगावत जोधा: - जोधपुर के राव सूजा के पश्चात् बाघा के पुत्र और सूजा के पोत्र गंगा गादी बेठे | इसी गंगा के वंशज गंगावत जोधा कहलाये | मारवाड़ में गंगावत जोधाओं के कालीजाड़, हेजावास, साली आदी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने है |
18. किश्नावत जोधा:- गंगा के पुत्र किशनसिंह के वंशज किश्नावत जोधा कहलाते है |
19.रामोत जोधा:- गंगा के पुत्र राव मालदेव जोधपुर के शासक थे | इनके पुत्र राम के वंशज रामोत जोधा कहलाये | मारवाड़ में पावा इनका मुख्या ठिकाना है |मालवा में अमझेरा इनका राज्य था | इनका वर्णन अमझेरा राज्य के अनागर्त कर दिया गया |
20. केशोदास जोधा:- राम के पुत्र केशोदास के वंशज केशोदाश जोधा भी कहलाते है |
21. चन्द्रसेणोत जोधा : - राव मालदेव जोधपुर के पुत्र चन्द्रसेन का जन्म 1598 विक्रमी में हुआ था | मालदेव के पश्चात विक्रमी संवत 1619 में गढ़धि पर बेठे | राना प्रताप की तरह उन्होंने भी अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की | इस कारन जोधपुर का राज्य अकबर ने इनके भाई उदयसिंह को दे दिया | इन्ही चन्द्र सेन के वंशज चन्द्रसेणोत जोधा कहलाये | भिनाय, बाँधनवाडा,देवलिया , बडली, केरोठ , देवगढ़ बगेरा इनके बड़े ठिकाने तथा पालड़ी , नीब्ड़ी, कोठारिया , छापड़ा ,डीकावो, पावटा , इनके ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |
22. रतनसिहोत जोधा:- जोधपुर के राव गंगा के पुत्र रतनसिंह के वंशज रतनसिहोत जोधा कहलाये | भादरा, जुण (11 गाँवो का ठिकाना) बीजल ( तीन गाँव ) इनके मुख्या ठिकाने थे
23. महेश दासोत जोधा :- राव मालदेव के पुत्र महेश दास के वंशज महेश दासोत जोधा कहलाये | पाटोडी ,(तीन गाँव ) केसवाणा ( दो गाँव ) नेवरी ( २ गाँव ) आदी इनके मुख्या ठिकाने थे | तथा सिरथलो , फलसुंड ,नागाणी , नेह्वायी , साईं , सीख आदी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |
24.भोजराजोत जोधा:- राव मालदेव के पुत्र भोजराज के वंशज भोजराजोत जोधा कहलाये | भगासणी इनका गाँव का ठिकाना था |
25. अभेराजोत जोधा:- राव मालदेव के पुत्र रायमल के पुत्र कनोराव के पुत्र अभेराज के वंशज अभेराजोत जोधा कहलाये | इनके मुख्या ठिकाने नीबी (11 गाँव) था | हुडावास, बोसणी और डावरीयोणी दो दो गाँवो के ठिकाने तथा खारठिओ, दताउ, चक, देवडाटी, ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |
26. केसरीसिहोत जोधा :- राव मालदेव के पुत्र रायमल के पुत्र केशरीसिंह के वंशज केसरीसिहोत जोधा कहलाये | लाडणु ( ६ गाँव ) सीगरावट( तीन गाँव ) लेहड़ी ( पांच गाँव ) गोराउ ( तीन गाँव ) मामडोदा( दो गाँव ) तूबरो ( दो गाँव ) सेतो ( दो गाँव ) सीगरावट( दो गाँव ) खारडीया ( दो गाँव ) कुस्बी जाखड़ा . अंगरोटियों आदी मुख्य ठिकाने और ऐक ऐक गाँव के करीब 40ठिकाने थे | केसरी सिंह के वंशज अर्जुनसिहोत जोधा है | सीवा, रसीदपूरा , रामदणा , कुसुम्भी , मिढ़ासरी,सावराद, लोढ़सर , खारडीया , मंगलपूरा , मांजरा,तान्याउ , ललासरी, सिकराली , कंग्सिया , कुमास्यो,रताऊ , भंडारी , मोलासर आदी इनके गगाँव है,
27. बिहारीदासोत जोधा:- मालदेव जोधपुर के पोत्र कल्याणदास के पुत्र इश्वर दास के पुत्र बिहारी दास के वंशज बिहारीदासोत जोधा कहलाते है | मारवाड़ में रोहिसी तथा मुडीयासरी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने है |
28. करभ सेणोत जोधा:- मालदेव के पोत्र उग्रसेन चंद्रसेनोत के पुत्र कमरसेनोत के वंशज करमसेनोत जोधा हुए | भिणाय इनका ठिकाना था |
29. भानोत जोधा:- मालदेव के पुत्र भानजी के वंशज |
30. डुंगरोत जोधा:- मालदेव के पुत्र डूंगरसी के वंशज|
31.गोयंददासोत जोधा:- बादशाह अकबर ने चंद्रसेन द्वारा अधीनता स्वीकार न करने पर उनके छोटे भाई उदयसिंह को जोधपुर का राज्य दे दिया | इन्ही उदयसिंह के पुत्र भगवान दास के पुत्र गोयंददास हुए इन्ही के वंशज गोयंद दास जोधा हुए | इनके मुख्य ठिकाने खेरवे ( 10 गाँव ) बाबरो ( 6 गाँव ) बलाडो( दो गाँव ) थे | इनके आलावा खारडी, बुटीयास, अलचपुरो, आंतरोली बड़ी रायिको ( दो गाँव ) आदी ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |
32.जयतसिहोत जोधा:- मालदेव के पुत्र उदयसिंह के पुत्र जयत सिंह के वंशज |
33. माधोदास जोधा:- उदयसिंह के पुत्र माधोदास के वंशज है | पिसाग़ण, महरू, जून्या, पारा ,गोविन्दगढ़ आदी इनके ठिकाने थे |
34. सकतसिहोत जोधा:- मोटे राजा उदयसिंह के पुत्र सकत सिंह के वंशज सकतसिहोत जोधा कहलाये |इनका मुख्या ठिकाना खरवा व् किशनगढ़ राज्य में रघुनाथ पूरा ऐक ठिकाना था | राव गोपालसिंह खरवा भारतीय स्वाधीनता संग्राम में ख्याति प्राप्त स्वतन्त्रता सेनानी थे |
कृष्णागढ़ ईन के भाईयोँ के घराने इस प्रकार हैँ -
वीरसिँहोत-वीरसिँह, राजसिँहोत का, रलावते का राजा।
बाधसिँहोत-बाघसिँह बहादूरसिँहोत का, फतेहगढ महाराज।
प्रथविसिँहोत- ढसँक और केकङी के महाराज।
35. किशनसिहोत जोधा:- उदयसिंह के पुत्र किशनसिंह के नवीन राज्य किशनगढ़ की स्थापना की | इनके वंशज किशन सिहोत जोधा कहलाये | रलावता, फतह गढ़, ढसूक, करकेडी इन्ही के ठिकाने है |
36. नरहर दासोत:- उदयसिंह के पुत्र नहरदास के वंशज| नदणी, नरवर, भदूण इनके ठिकाने थे |
37.गोपालदासोत जोधा:- मोटे राजा उदय सिंह जोधपुर के पुत्र भगवान दास के पुत्र गोपाल दास के वंशधर गोपालदासोत जोधा कहलाते है | तोलासर,मालावासणी, खातोलायी, इनके ऐक ऐक गाँव के ठिकाने थे |
38. जगन्नाथ जोधा:- उदय सिंह (जोधपुर)
38. जगन्नाथ जोधा:- (जगन्नाथोत जोधा):- रावजगन्नाथ जी - राव नरहरदास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
39. यशवन्तसिहोत जोधा - यशवन्तसिँह का।
40. श्यामसिँहत जोधा - श्यामसिँह जी का।
41. भोपपोत जोधा - भोपत जी का, नारायण, भदूण क्रष्णगढ राज्य मेँ।
42. मोहनदासोत जोधा - मोहनदास जी का।
43. दलपतोत जोधा - दलपत जी का मोटा राजा’ उदयसिंह (जोधपुर) के चौथे पुत्र दलपत जी ।
44. मनरूय जोधा - मान - यशवन्तोत का ।
अमरसिँहोत जोधा:- राव अमर सिँह जी – महाराजा गज सिंह – आनन्दसिँह – राजा अजीतसिँह
आनन्दसिहोत जोधा:- आनन्दसिँह – राजा अजीतसिँहका राज्य ईडर, अहमनगर।
45. रतनसिहोत जोधा :- मोटे राजा उदयसिंह के बाद क्रमश दलपतसिंह , महेश दास ,रतनसिंह हुए ।रतनसिंह ने मालवा में रतलाम राज्य की स्थापना की ।रतनसिंह अपने समय में ख्याति प्राप्त योधा थे ।धरमत( 1658ई ) के युद्ध मे सेना का सञ्चालन किया और युद्ध में वीरता प्रदर्शित करते हुए सच्चे क्षत्रिय की भांती वीरगति प्राप्त हुए ।इन्ही रतनसिंह के वंशज रतन सिहोत जोधा हुए ।इनके पांचवे वंशज केशवदास ने सीतामउ के राजा मानसिंह के छोटे भाई जयसिंह ने सेलाना राज्य की स्थापना की । मालवा काछी बडोजा, मुल्तान , अमलेटा , जड़वास , सेमालिया, बडवास , पतलासी आदी ठिकाने थे ।
46. कल्यान्दासोत जोधा:- रतनसिंह के कल्याण दासजी के वंशज कल्याणदासोत जोधा कहलाये है ।जालणीयासर, आकोडो, जानेवो, इनके एक गाँव के ठिकाने थे । मालवा में मोरिया खेड़ी (सीतामउ राज्य) टोलखेड़ी (जावरा राज्य) तथा कोटा राज्य में बाराबड़ोदा इनके ठिकाने है ।
46. फतहसिहोत जोधा:- रतनसिंह के रतलाम के छोटे भाई फतह सिंह ने धरमत के युद्ध में वीरगति पायी ।इनके वंशज फतहसिहोत जोधा कहलाये ।धार के पास इनके दो गाँव पाना व कोद विड़वाल थे और ग्वालियर राज्य में पचलाना और रुनिजा इनके ठिकाने थे ।तथा बोरखेड़ा, सरसी , केरवासा , सादाखेड़ी , इनके ठिकाने थे ।इनके आलावा मध्य परदेश में मुगेला , पाणदा, लाखरी , आक्या , सांगथली , सुरखेड़ा , मसवाणीया , सारंगी , दोतरिया , सरवन आदी ठिकाने थे ।
47. जैतसिंहोत जोधा:- मोटे राजा उदयसिंह के पुत्र जैतसिंह के वंशज जैतसिहोत जोधा कहलाये ।इनके जैतगढ़, मेवाड़ीया, (अजमेर प्रान्त) खैरवा, नोखा (मेड़ता) कणमोर , मोरन आदी ठिकाने थे ।
48. रत्नोत जोधा:- मोटे राजा उदयसिंह के पोत्र हरिसिंह जैतसिंहोत के एक पुत्र रतनसिंह के वंशज रतनोत जोधा कहलाये ।मारवाड़ में इनके मुख्या ठिकाने में दुगोली खास (6 गाँव) लोहोतो (तीन गाँव) पठाणारो बास( दो गाँव ) थे ।करीब 15 एक-एक गाँव के ठिकाने थे ।
जोधा राठौड़ो का पीढी क्रम इस प्रकार है –
राव जोधा जी - राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
1. बरसिन्होत जोधा – बरसिँह - राव जोधा जी - राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
2. रामावत जोधा:- राव रामसिंह जी - राव आसकरणजी
3. भारमलोत जोधा:- राव भारमल जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
4. शिवराजोत जोधा:- राव शिवराज जी - राव जोधाजी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
5. रायपालोत जोधा:- राव रायपाल जी - राव जोधा जी - राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
6. करमसोत जोधा:- राव करम्सी जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
7. बणवीरोत जोधा:- राव बणीर जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
8. खंगारोत जोधा:- राव खंगार जी - राव जोगा जी -राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
9. नरावत जोधा:- राव नरा जी - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
10. सांगावत जोधा:- सांगा - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
11. प्रतापदासोत:- प्रतापदास - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
12. देविदासोत:- देवीदास - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
13. सिखावत:- सिखा - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
14. नापावत:- नापा - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
15. बाघावत जोधा:- राव बाघाजी जी - राव सूजा जी - राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
16. प्रतापसिहोत जोधा:- राव प्रताप सिंह जी - रावसूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
17. गंगावत जोधा: - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
18. किश्नावत जोधा:- राव किशनसिँह जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
19.रामोत जोधा :- राव राम जी - राव मालदेव जी -राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
20. केशोदास जोधा:- राव केशोदास जी - राव राम जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
21. चन्द्रसेणोत जोधा: - राव चन्द्रसेन जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
22. रतनसिहोत जोधा:- राव रतनसिँह जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
23. महेश दासोत जोधा:- राव महेश दास जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
24.भोजराजोत जोधा:- राव भोजराज जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
25. अभेराजोत जोधा:- राव अभेराज जी – राव कनोराव जी - राव रायमल जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
26. केसरीसिहोत जोधा:- राव केशरीसिंह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
राव अर्जुन जी - राव केसरी सिंह जी के वंशज अर्जुनसिहोत जोधा है |
27. बिहारीदासोत जोधा:- राव बिहारी दास जी - राव ईश्वर दास जी - राव कल्याण दास जी - राव? - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
28. करभ सेणोत जोधा:- राव करमसेनोत जी - राव उगरसेन जी - राव चंद्रसेनोत जी –- राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
29. भानोत जोधा:- राव भानजी जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
30. डुंगरोत जोधा:- राव (डूँगरसिँह) डूँगरसी जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
31.गोयंददासोत जोधा:- राव गोयंददास जी - राव भगवान दास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
32.जयतसिहोत जोधा:- राव जयत सिंह जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
33. माधोदास जोधा:- राव माधोदास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
34. सकतसिहोत जोधा:- राव सकतसिँह जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
· सकतसिँहोत जोधा कृष्णागढ़ ,ईन के भाईयोँ के घराने इस प्रकार हैँ -
· वीरसिँहोत-वीरसिँह, राजसिँहोत का, रलावते का राजा।
· बाधसिँहोत-बाघसिँह बहादूरसिँहोत का, फतेहगढ महाराज।
· प्रथविसिँहोत- ढसँक और केकङी के महाराज।
35. किशनसिहोत जोधा:- राव किशनसिँह जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
36. नरहर दासोत:- राव नरहरदास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
37.गोपालदासोत जोधा:- राव गोपाल दास जी - राव भगवान दास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
38. जगन्नाथ जोधा:- (जगन्नाथोत जोधा):- रावजगन्नाथ जी - राव नरहरदास जी - राव उदयसिँह जी - राव मालदेव जी - राव गंगा जी - राव बाघा जी - राव सूजा जी- राव जोधा जी- राव रणमल जी (राव रिङमाल जी)
39. यशवन्तसिहोत जोधा - यशवन्तसिँह का।
40. श्यामसिँहत जोधा - श्यामसिँह जी का।
41. भोपपोत जोधा - भोपत जी का, नारायण, भदूण क्रष्णगढ राज्य मेँ।
42. मोहनदासोत जोधा - मोहनदास जी का।
43. दलपतोत जोधा – दलेलसिंह- रायसिंह
44. मनरूय जोधा - मनरूय जी का।
45. अमरसिँहोत जोधा:- राव अमर सिँह जी – महाराजा गज सिंह – आनन्दसिँह – राजा अजीतसिँह
46. आनन्दसिहोत जोधा:- आनन्दसिँह – राजा अजीतसिँह का राज्य ईडर, अहमनगर।
47. रतनसिहोत (रत्नोत जोधा) - महेशदास - दलपत सिंह - मोटा राजा’ उदयसिंह
48. कल्यान्दासोत जोधा:- कल्याण दासजी – रतनसिंह – राजसिँह
49. फतहसिहोत जोधा:- गजसिंह - केशवदास
50. जैतसिंहोत जोधा:- जैतसिंह - मोटे राजा उदयसिंह
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Lakha Khan....The International Classical Musician at Lake Palace,Santrampur.
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“Hereby all the present Rajputs ...... Plzz Come On October 24th for Shastra Puja (Dussehra)






